Description
भर्तहरिकृत वैराग्यशतक एक प्रसिद्ध संस्कृत काव्य कृति है जिसमें भर्तहरि द्वारा रचित 100 श्लोक संकलित हैं। यह ग्रंथ संसार की क्षणभंगुरता, माया की मोहक शक्ति और आध्यात्मिक मार्ग के महत्व को दर्शाता है।
बाबू हरिदास वैद्य द्वारा किए गए इस हिंदी अनुवाद ने इस दुर्लभ कृति को सामान्य पाठकों के लिए सुलभ बनाया है। प्रत्येक श्लोक गहन आध्यात्मिक विचारों और जीवन के प्रति वैराग्य भाव को व्यक्त करता है। यह पुस्तक उन सभी के लिए अमूल्य है जो आध्यात्मिक ज्ञान की खोज में हैं।
वैराग्यशतक पाठकों को सांसारिक मोह से मुक्ति पाने और आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित करती है। यह कालजयी ग्रंथ आज के भौतिकवादी युग में भी प्रासंगिक और उपयोगी है।







Reviews
There are no reviews yet.