Description
प्रबन्ध-प्रतिमा सूर्यकान्त त्रिपाठी की एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति है जो संस्कृत साहित्य के प्रबन्ध काव्य की परम्परा और विकास को समझने में सहायक है। यह पुस्तक प्राचीन भारतीय काव्य शैली के मूल सिद्धान्तों और उनके अनुप्रयोग को विस्तार से प्रस्तुत करती है।
इस ग्रन्थ में लेखक ने विभिन्न प्रबन्धकारों की रचनाओं का विश्लेषण किया है और उनकी साहित्यिक विशेषताओं को रेखांकित किया है। यह कृति हिंदी साहित्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी संदर्भ सामग्री प्रदान करती है।







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