Description
यशोधरा मैथिलीशरण गुप्त की सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण रचना है, जो गौतम बुद्ध की पत्नी यशोधरा के जीवन पर केंद्रित है। यह काव्य परंपरागत कथानक को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है, जहां यशोधरा को एक सशक्त और विचारशील नारी के रूप में चित्रित किया गया है।
गुप्त जी ने इस रचना के माध्यम से बौद्ध दर्शन, त्याग, प्रेम और आत्मत्याग के विषयों को गहराई से उजागर किया है। यशोधरा की आंतरिक पीड़ा, उसके प्रश्न और उसकी आध्यात्मिक विकास की यात्रा को संवेदनशीलता के साथ दर्शाया गया है। यह काव्य हिंदी साहित्य में नारी चेतना और आधुनिक दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।







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