Description
यह पुस्तक अद्वैत वेदान्त के सबसे महान दार्शनिक शंकराचार्य के विचारों का विस्तृत अध्ययन प्रदान करती है। डॉ. तारादत्त ने इस ग्रंथ में ब्रह्म, आत्मा, माया और मोक्ष जैसे गहन विषयों को सरल और सुबोध भाषा में समझाया है।
पुस्तक शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन के मूल सिद्धांतों को विस्तार से प्रस्तुत करती है जो बताता है कि ब्रह्म ही एकमात्र वास्तविकता है। यह कृति भारतीय आध्यात्मिकता और वेदान्त परंपरा को समझने के लिए आवश्यक है।
Gyan Publishing House द्वारा प्रकाशित यह संस्करण आधुनिक पाठकों के लिए अद्वैत वेदान्त को सुलभ और बोधगम्य बनाता है।







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