Description
भर्तृहरिकृत श्रृंगार-शतक संस्कृत साहित्य की एक अमूल्य रचना है जिसमें प्रेम, सौंदर्य और मानवीय संवेदनाओं का विस्तृत चित्रण किया गया है। बाबू हरिदास वैध द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद इस ग्रंथ को आधुनिक पाठकों के लिए सुलभ बनाता है।
इस संकलन में सौ श्लोक हैं जो नायक-नायिका के प्रेम प्रसंगों, विरह की पीड़ा, और सौंदर्य के विविध रूपों को दर्शाते हैं। भर्तृहरि की काव्य शैली अत्यंत मनोरम और भावपूर्ण है। गयन पब्लिशिंग हाउस का यह संस्करण पाठकों को प्राचीन भारतीय काव्य परंपरा से परिचित कराता है और साहित्य प्रेमियों के लिए एक आवश्यक पुस्तक है।







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