Description
अठारह सौ सत्तावन सुरेंद्रनाथ सेन द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ है जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के निर्णायक वर्ष 1857 पर प्रकाश डालता है। यह कृति भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं, कारणों और परिणामों का गहन विश्लेषण करती है।
लेखक ने 1857 की क्रांति की पृष्ठभूमि, प्रमुख नेताओं की भूमिका, और इस विद्रोह के राजनीतिक एवं सामाजिक प्रभावों को विस्तार से वर्णित किया है। पुस्तक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित है और अकादमिक अनुसंधान का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह भारतीय इतिहास के छात्रों, शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों के लिए अपरिहार्य पठन सामग्री है।







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